पूंजीवाद और उसका ‘बुरा भाई’ क्रोनी कैपिटलिज्म | Capitalism and it's 'Bad brother' Crony Capitalism
पूंजीवाद क्या है? पूंजीवाद एक आर्थिक व्यवस्था है जिसे आज दुनिया के कई देशों ने अपनाया हुआ है। इस विचार को Adam Smith, एक स्कॉटिश अर्थशास्त्री और दार्शनिक, ने विकसित किया था। इस व्यवस्था में उत्पादन के साधनों (means of production) का स्वामित्व और नियंत्रण निजी व्यक्तियों या व्यवसायिक संस्थाओं के पास होता है, और उनका मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना होता है। इस प्रणाली में विभिन्न व्यवसाय अधिक से अधिक लाभ कमाने के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते हैं, जिससे नवाचार और संसाधनों का कुशल उपयोग बढ़ता है। पूंजीवादी व्यवस्था की विशेषताएँ पूंजीवादी समाज की एक प्रमुख विशेषता है — सीमित सरकार (Limited Government)। इसका अर्थ है कि सरकार का हस्तक्षेप व्यापारिक गतिविधियों में कम से कम होता है, जिससे व्यवसायों को अधिक स्वतंत्रता मिलती है। यह प्रणाली किसी भी देश के विकास के लिए उपयोगी हो सकती है, बशर्ते कि इसके दोनों प्रमुख पक्ष — सरकार और व्यवसायी — अपनी-अपनी भूमिका ईमानदारी और निष्पक्षता से निभाए। जब पूंजीवाद बिगड़ जाता है दुर्भाग्यवश, व्यवहार में ऐसा अक्सर नहीं होता। जब सरकार और व्यवसायी एक-दूसरे को अनुचित...